Source: जागरण
एक-एक पेड़ हिमालय का पहरेदार : राधा बहन
- 13 Apr 2017 जागरण संवाददाता,
- 13 Apr 2017 जागरण संवाददाता,
उत्तरकाशी: सर्वोदय नेता एवं पर्यावरण चिन्तक राधा बहन ने कहा कि गंगोत्री हाइवे पर ऑल वेदर रोड के तहत चौड़ीकरण का कार्य होने जा रहा है।
इसके लिए हर्षिल घाटी के 30 किलोमीटर के दायरे में दस हजार से अधिक देवदार व अन्य संरक्षित प्रजाति के वृक्षों को काटने की तैयारी है।
विकास के नाम पर पर्यावरण का इतना अधिक दोहन करने का परिणाम बेहद ही गंभीर हो सकते हैं। इसलिए इस क्षेत्र में फिर से सर्वे किया जाना चाहिए, ताकि सड़क के चौड़ीकरण में पर्यावरण को कम से कम नुकसान पहुंचे।
उत्तरकाशी में पत्रकारों से वार्ता के दौरान राधा बहन ने कहा कि हिमालय आज इन्हीं पेड़-पौधों के कारण बचा हुआ है। यहां का एक-एक पेड़-पौधा हिमालय का पहरेदार है।
चारधाम की यात्रा पर आने वाले यात्री प्रकृति की इसी सुदंरता को देखकर इस धरती को देवभूमि कहते हैं। बावजूद इसके हर्षिल और गंगोत्री क्षेत्र में प्रकृति को नष्ट करने की तैयारी हो रही है।
करीब दस हजार पेड़ काटने के लिए चिह्नित किए जा चुके हैं, जो देवदार व अन्य संरक्षित प्रजाति के हैं। कहा कि इन वृक्षों को कटने नहीं दिया जाएगा। इसके लिए सरकार को सड़क बनाने के तरीके को बदलना होगा।
इस हिस्से में स्थानीय लोगों से बातचीत करके ही सड़क बननी चाहिए, ताकि पर्यावरण को कम से कम नुकसान हो। राधा बहन ने सड़क निर्माण के मलबे को नदी में डाले जाने पर भी कड़ी आपत्ति जताई और इसे रोकने की अपील की।
इस मौके पर हिमालय पर्यावरण संस्थान के संयोजक सुरेश भाई ने कहा कि एक ओर कोर्ट ने नदी और ग्लेशियर को जीवित व्यक्ति का दर्जा दिया है। ऐसे में अगर गंगा घाटी में पर्यावरण का इस तरह से दोहन होता है तो इससे ग्लेशियर और नदी की हत्या होना तय है।
सरकार ये बताए की हत्या का मुकदमा किस पर चलेगा। इस मौके पर प्रवीण कुमार भट्ट, हिमला डंगवाल, अभिषेक जगूड़ी आदि मौजूद थे।
